Friday, 13 January 2017

ख्वाहिशें जगा जाता है

ख्वाहिशें जगा जाता है,
यूँ तेरा इतराना भी, तेरा प्यार जाताना भी
कशमकश सी दिला जाता है
पास तेरा आना भी, तेरा दूर जाना भी

वज़ूद मेरा ढूंढता हूँ मैं
बिखरे हुए घरोंदों में
मुझे मुझसे मिलाता है
नज़र तेरा झुकाना भी, तेरा नज़र मिलाना भी


गर्द जब हो जाती है
दफ़न अपने सीने में
आइना मुझे दिखा जाता है
रूठ तेरा जाना भी, तेरा टूट जाना भी

रौशनाई हो जाती है
आने की तेरी ख़बर सुनकर
मंज़र कातिल कर जाता है
मुह तेरा छुपाना भी, तेरा मुस्कुराना भी


इश्क़ जो इबादत है
सज़दा तेरे नाम का
मुझको खुदा मिलाता है
दिल तेरा लुभाना भी, तेरा दिल चुराना भी

:अतुल सोरल

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